पुलिस की वसूली बनी व्यापारियों का दर्द: चेंबर ऑफ कॉमर्स ने मंत्री से लगाई गुहार, व्यापार हो रहा प्रभावित, कार्रवाई लगवाइए रोक
प्रशासनिक रिपोर्टर|बलौदा बाजार
छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी की सरकार सत्ता में आने के दो वर्ष पूरे होने पर उपलब्धियों का जश्न मना रही है। वहीं बलौदा बाजार जिला मुख्यालय के व्यापारी और आमजन गंभीर समस्याओं से जूझ रहे हैं। हालात ऐसे बन गए चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज बलौदा बाजार ने जिला ऑडिटोरियम में एक कार्यक्रम आयोजित कर राज्य सरकार के कैबिनेट मंत्री टंक राम वर्मा को आमंत्रित किया। मंच पर जब मंत्री और दूसरे आमंत्रित सभी अतिथि पहुंच गए तब चैंबर ऑफ कॉमर्स ने अपना दर्द साझा किया। व्यापारियों की सबसे बड़ी संस्था ने बताया कि किस तरफ से बलौदा बाजार आने वाले ग्राहकों को पुलिस चेकिंग कार्रवाई के नाम पर भयभीत कर रही है। व्यापारियों ने मंच पर ही ज्ञापन सौंपकर पुलिस की वसूली कार्रवाई और अव्यवस्थित यातायात व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हुए इसे तत्काल रोकने की मांग की है। व्यापारियों का कहना है कि लगातार चेकिंग, डर और दोहन के कारण ग्राहक बलौदा बाजार आने से कतरा रहे हैं, जिससे व्यापार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।

व्यापारियों ने अपनी समस्याओं और मांगों को लेकर मंत्री टंक राम वर्मा और नगर पालिका अध्यक्ष अशोक जैन को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि यदि समय रहते इन मुद्दों का समाधान नहीं हुआ तो व्यापार और बाजार की स्थिति और अधिक खराब हो जाएगी। उन्होंने बताया कि शहर में आने वाले ग्राहकों के लिए समुचित पार्किंग की व्यवस्था का अभाव है। साथ ही महिलाओं के लिए पिंक शौचालय और पुरुषों के लिए सार्वजनिक शौचालय की पर्याप्त सुविधा न होने से बाहरी ग्राहकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है।
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व्यापारियों का गंभीर आरोप है कि पुलिस द्वारा चारों दिशाओं से आने वाले ग्राहकों को चेकिंग के नाम पर डराया जाता है और अवैध वसूली की जाती है। विशेषकर मोटरसाइकिल चालकों को बार-बार रोका जाता है, जिससे लोग बाजार आने से बचने लगे हैं। इसका सीधा असर स्थानीय व्यापार पर पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि ट्रक और ट्रैक्टर के लिए दोपहर 2 से 3 बजे तक नो एंट्री में छूट दी जाए, ताकि किसान खाद, सीमेंट और अन्य जरूरी सामान आसानी से खरीद सकें। वर्तमान व्यवस्था के कारण ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले किसान समय पर सामान नहीं ले पाते, जिससे उन्हें अतिरिक्त परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

इसके साथ ही बलौदा बाजार में अपराध के तेजी से बढ़ते ग्राफ पर भी व्यापारियों ने अपनी बात रखी। उन्होंने भैसा पसरा क्षेत्र में बसे देवार डेरा को लेकर भी गंभीर चिंता जताई। उनका कहना है कि इस क्षेत्र से बाजार में लूटपाट, चाकूबाजी और अवैध शराब बिक्री की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे पूरे बाजार में भय का माहौल बना हुआ है। इससे न केवल व्यापारी बल्कि आम नागरिक भी असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

इसके अलावा व्यापारियों ने चेंबर भवन के लिए जमीन उपलब्ध कराने की मांग की, ताकि व्यापारिक गतिविधियों को संगठित रूप से संचालित किया जा सके। साथ ही थोक बाजार के लिए कम से कम 10 एकड़ जमीन दिए जाने की मांग की गई, जहां चौड़ी सड़कें, प्रसाधन और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हों। व्यापारियों का कहना है कि उचित मूल्य पर जमीन मिलने से नगर में एक व्यवस्थित थोक बाजार विकसित हो सकेगा।
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साथ ही ज्ञापन में जिले की सभी सीमेंट फैक्ट्रियों के पीआरओ से संपर्क कर व्यापारियों की संयुक्त बैठक आयोजित कराने की भी मांग की गई, ताकि स्थानीय व्यापारी उनकी सुविधाओं और असुविधाओं को समझते हुए बेहतर व्यापारिक संबंध स्थापित कर सकें। साथ ही दशहरा मैदान से बिरयानी और मटन मार्केट को हटाकर किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर व्यवस्थित करने की मांग भी उठाई गई, ताकि मैदान और आसपास का क्षेत्र स्वच्छ व सुव्यवस्थित रह सके।
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व्यापारियों ने उम्मीद जताई कि मंत्री टंक राम वर्मा और नगर पालिका अध्यक्ष अशोक जैन उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र ठोस कदम उठाएंगे। उनका कहना है कि यदि प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का सहयोग मिला तो बलौदा बाजार का व्यापार फिर से रफ्तार पकड़ सकता है और आमजन को भी राहत मिल सकती है। वहीं इस विषय पर मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि सभी पक्षों के साथ बैठककर चर्चा की जाएगी, समस्या है तो उसका समाधान निकाला जाएगा।
बहरहाल एक बार फिर बलौदा बाजार जिले की पुलिस पर गंभीर आरोप लगे हैं। इससे पहले भी पुलिस पर आरोपियों के बदलने को लेकर हंगामा हो चुका है, जिसमें भड़की हिंसा के बाद एसपी कार्यालय को असामाजिक तत्वों ने जला दिया था। यह मामला अभी पूरी तरह से शांत भी नहीं हुआ है कि एक बार फिर पुलिस पर गंभीर आरोप लगने लगे हैं। कभी नेशनल लोक अदालत के नाम पर कार्रवाई के लिए तो कभी वीआईपी मूवमेंट के नाम पर, इससे बलौदा बाजार का व्यापार पूरी तरह से प्रभावित होने की बात कही जा रही है। यही वजह है कि व्यापारी एक बार फिर अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि इससे पहले भी व्यापारियों ने पुलिस की वसूली पर आवाज उठाई थी तब कुछ समय के लिए पुलिस कार्रवाई रोक दी गई थी, लेकिन अब एक बार फिर पुलिस कार्रवाई शुरू की तो व्यापारियों ने सोशल मीडिया पर भी इस कार्रवाई का विरोध किया है। अब देखने की बात होगी कि बलौदा बाजार जिले के तेज तर्रार पुलिस अधिकारी जिनकी व्यवस्था पर व्यापारियों ने गंभीर आरोप लगाया है, इस वर्दी पर लग रहे दाग को किस तरह से साफ करते हैं, या फिर इस दाग को दाग अच्छे हैं कहकर पुलिस ढाक के तीन पात की तरह अपने ढर्रे पर काम करती रहेगी।
व्यापारियों द्वारा उठाए गए मुद्दे पर अपनी राय दें। क्या लगता है कि पुलिस की वसूली से कौन अधिक प्रभावित हो रहे हैं। अपना जवाब कमेंट बॉक्स पर जरूर दें।
Author: Deependra Shukla
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